भारत में महिला सुरक्षा के लिए कई प्रमुख कानूनी धाराएं (IPC/BNS) और अधिनियम मौजूद हैं। मुख्य धाराओं में बलात्कार (376), दहेज मृत्यु (304B), क्रूरता (498A), छेड़छाड़ (354) और घरेलू हिंसा (2005) शामिल हैं। इसके अलावा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (2013) अधिनियम और आत्मरक्षा का अधिकार (IPC 100) महिलाओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
यहाँ महिला सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख धाराएं और कानून हैं:
भारतीय दंड संहिता (IPC) / भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत:
धारा 376 (बलात्कार): बलात्कार के अपराध के लिए सजा।
धारा 354 (छेड़छाड़/महिला की लज्जा भंग): यौन मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
धारा 354A-D (यौन उत्पीड़न): यौन उत्पीड़न, पीछा करना (Stalking), और ताक-झांक (Voyeurism) से संबंधित।
धारा 498A (दहेज के लिए उत्पीड़न): पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता।
धारा 304B (दहेज मृत्यु): विवाह के 7 वर्षों के भीतर दहेज के लिए मौत।
by PS DULLAHPUR GHAZIPUR• 2/25/2026, 10:45:57 AM